Wednesday, August 5, 2020

आज का वचन

“क्या तुम नहीं जानते कि तुम्हारी देह पवित्र आत्मा का मन्दिर है, जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्‍वर की ओर से मिला है; और तुम अपने नहीं हो?”
‭‭1 कुरिन्थियों‬ ‭6:19‬ ‭HINDI-BSI‬‬
“What? know ye not that your body is the temple of the Holy Ghost which is in you, which ye have of God, and ye are not your own?”
‭‭1 Corinthians‬ ‭6:19‬ ‭KJV‬‬
“ਅਥਵਾ ਕੀ ਤੁਸੀਂ ਇਹ ਨਹੀਂ ਜਾਣਦੇ ਭਈ ਤੁਹਾਡੀ ਦੇਹੀ ਤੁਹਾਡੇ ਅੰਦਰ ਪਵਿੱਤ੍ਰ ਆਤਮਾ ਦੀ ਹੈਕਲ ਹੈ ਜਿਹੜੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਦੀ ਵੱਲੋਂ ਮਿਲੀ ਹੈ ਅਤੇ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਦੇ ਨਹੀਂ ਹੋ?”
‭‭੧ ਕੁਰਿੰਥੀਆਂ ਨੂੰ‬ ‭6:19‬ ‭POV-BSI

























Wednesday, July 29, 2020

आज का वचन


“हम जानते हैं कि हमारा पुराना मनुष्यत्व उसके साथ क्रूस पर चढ़ाया गया ताकि पाप का शरीर व्यर्थ हो जाए, और हम आगे को पाप के दासत्व में न रहें।"
‭‭रोमियों‬ ‭6:6 HINDI-BSI‬‬
“Knowing this, that our old man is crucified with him, that the body of sin might be destroyed, that henceforth we should not serve sin.”
‭‭Romans‬ ‭6:6‬ ‭KJV‬‬
“ਕਿਉਂ ਜੋ ਅਸੀਂ ਇਹ ਜਾਣਦੇ ਹਾਂ ਜੋ ਸਾਡੀ ਪੁਰਾਣੀ ਮਨੁੱਖਤਾਈ ਉਹ ਦੇ ਨਾਲ ਸਲੀਬ ਉੱਤੇ ਚੜ੍ਹਾਈ ਗਈ ਭਈ ਪਾਪ ਦਾ ਸਰੀਰ ਨਸ਼ਟ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਅਗਾਹਾਂ ਨੂੰ ਅਸੀਂ ਪਾਪ ਦੀ ਗੁਲਾਮੀ ਨਾ ਕਰੀਏ”
‭‭ਰੋਮੀਆਂ ਨੂੰ‬ ‭6:6‬ ‭POV-BSI



Tuesday, July 28, 2020

आज का वचन



“धोखा न खाना, “बुरी संगति अच्छे चरित्र को बिगाड़ देती है।””
‭‭1 कुरिन्थियों‬ ‭15:33‬ ‭HINDI-BSI‬‬
“Be not deceived: evil communications corrupt good manners.”
‭‭1 Corinthians‬ ‭15:33‬ ‭KJV‬‬
“ਧੋਖਾ ਨਾ ਖਾਓ, ਬੁਰੀਆਂ ਸੰਗਤਾਂ ਚੰਗਿਆਂ ਚਲਣਾਂ ਨੂੰ ਵਿਗਾੜ ਦਿੰਦੀਆਂ ਹਨ”
‭‭੧ ਕੁਰਿੰਥੀਆਂ ਨੂੰ‬ ‭15:33‬ ‭POV-BSI


Monday, July 27, 2020

Today's word



“मैं जानता हूँ कि जो कुछ परमेश्‍वर करता है वह सदा स्थिर रहेगा; न तो उसमें कुछ बढ़ाया जा सकता है और न कुछ घटाया जा सकता है; परमेश्‍वर ऐसा इसलिये करता है कि लोग उसका भय मानें।”
‭‭सभोपदेशक‬ ‭3:14‬ ‭HINDI-BSI‬‬
“I know that, whatsoever God doeth, it shall be for ever: nothing can be put to it, nor any thing taken from it: and God doeth it, that men should fear before him.”
‭‭Ecclesiastes‬ ‭3:14‬ ‭KJV‬‬
“ਮੈਂ ਜਾਣਦਾ ਹਾਂ ਭਈ ਜੋ ਕੁਝ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਸੋ ਸਦਾ ਦੇ ਲਈ ਹੈ, ਨਾ ਉਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਵਾਧਾ ਹੋ ਸੱਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਨਾ ਉਸ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਘਾਟਾ ਹੋ ਸੱਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਪਰਮੇਸ਼ਰ ਇਹ ਕਰਦਾ ਹੈ ਜੋ ਲੋਕ ਉਸ ਅੱਗੇ ਡਰਦੇ ਰਹਿਣ”
‭‭ਉਪਦੇਸ਼ਕ ਦੀ ਪੋਥੀ‬ ‭3:14‬ ‭POV-BSI



Sunday, July 26, 2020

Today's Word


“परमेश्‍वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्‍वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए।”
‭‭रोमियों‬ ‭15:13‬ ‭HINDI-BSI‬‬
“Now the God of hope fill you with all joy and peace in believing, that ye may abound in hope, through the power of the Holy Ghost.”
‭‭Romans‬ ‭15:13‬ ‭KJV‬‬
“ਹੁਣ ਆਸਾ ਦਾ ਪਰਮੇਸ਼ੁਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਿਹਚਾ ਕਰਨ ਦੇ ਵਸੀਲੇ ਨਾਲ ਸਾਰੇ ਅਨੰਦ ਅਤੇ ਸ਼ਾਂਤੀ ਨਾਲ



Tuesday, June 21, 2016

प्रार्थना पारिवारिक श्रापों से छुटकारे के लिए/Prayer for breaking Family curse

अधर्म में तीन बातें प्रमुख रूप से आती हैं और ये एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक चलता जाता है 
1. मूर्ति पूजा 
2. नशा खोरी 
3. व्यभिचार 
पढ़ो  निर्गमन 20 :4 -6 
2 . पढ़ो - व्यवस्था विवरण 7:5
3 . अपने घर की सभी समस्याओं की लिस्ट बनाओ 
4 . अब उन समस्यांओं को एक एक कर के तोड़ो 
फिर प्रार्थना करो -
हर श्राप या नकारात्मक बातें जो मेरे परिवार में हो रही हैं मैं उन सभी नकारात्मक बातों को येशु मसीह के नाम पर तोड़ देती हूँ।  उन्हें मैं अपने जीवन से और अपने परिवार के सदस्यों के जीवन से पूरी तरह उखाड कर फेंक देती हूँ। 
शैतान तुम मेरे पैरों के नीचे हो और मैं येशु के नाम पर तुम्हारी हर चाल को रद्द कर देती हूँ। 
मैं हर उस जड़ को जिसके द्वारा तुम मेरे परिवार को सताने का हक़ रखते हो उसे येशु के नाम पर नष्ट कर देती हूँ। मैं तुम्हे येशु के नाम पर आदेश देती हूँ कि मेरे परिवार को छोड़ कर तुरंत यहाँ से अपनी तमाम दुष्टात्माओं के साथ निकल जाओ। 
मैं येशु के नाम पर उसकी लहू की वाचा के द्वारा आशीषों की एक नयी वाचा अपने और अपने परिवार पर लागू करती हूँ जो-
जो मेरे परिवार को येशु के लहू में छिपाता है 
जो मेरे परिवार को परमेश्वर की हर आशीषों से भरता है 
जो मेरे परिवार को तमाम खुशियों से भरता है 
जो मेरे परिवार को शांति देता है 
जो मेरे परिवार को चंगाई देता है 
जो मेरे परिवार को आदर और सम्मान दिलाता है 
जो मेरे परिवार के लिए नए द्वार खोलता है 
मैं और मेरा परिवार येशु के लहू में पूरी तरह से सुरक्षित हैं 
पवित्र आत्मा की अगुवाई सदैव हमारे जीवनो पर रहे। 
अमीन 

Friday, June 10, 2016

धैर्य पवित्र आत्मा का फल है/

एकबार मैंने अपनी फेस बुक में स्थिर खड़े रहने और आशा का पीछा करते रहने के लिए लिखा |"यह सत्य है कि जीवन वास्तव में कठिन हो सकता है लेकिन अपने कल को जाने ना दो | बेस्ट अभी आने को है |"
इस पर मुझे मिली झूली प्रतिक्रियाएं मिली, कुछ इस बात से सहमत हुए कुछ नहीं |
अधिकतर लोग जब सफलता के करीब पहुँच रहें होते है हिम्मत खो बैठते है | अंतिम क्षण में चूक जाते हैं | लेकिन परमेश्वर हमसे ये उम्मीद नहीं करता है |
वह हमे जयवंत बुलाता है और धैर्य की आत्मा देता है |
पढ़ें गलातियों 5:22-23 लेकिन आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, शांति, धैर्य, दया, भलाई, विश्वास, नम्रता और आत्म नियंत्रण है| ऐसे कामों के विरूद्ध कोई व्यवस्था नहीं है
धैर्य की क्या परिभाषा दोगे?
उन्होंने यह विचार क्यों नहीं पसंद किया कि परमेश्वर अभी भी उनके लिए काम कर रहा है और वह उनके जीवन में बेस्ट लायेगा?
इसके दो कारण हो सकते हैं
1 . वे परमेश्वर को जानते नहीं थे
2 . उनका जीवन अधिकतर असफलताओं से भरा था
धैर्य वह क्षमता और इच्छा है जो बिना शिकायत या परेशानी के मुश्किल या चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना सहजतापूर्वक करा सके|
पढ़ें रोमियो 5:3-4, इतना ही नहीं हम अपने क्लेशों में भी आनंदित होतें हैं क्योंकि यह जानते हैं कि क्लेश में धैर्य उत्पन्न होता है, तथा धैर्य से खरा चरित्र, और खरे चरित्र से आशा उत्पन्न होती है |
हम पवित्र आत्मा का अध्यन कर रहें है , इन्हें हम तीन ग्रुप में बाँट सकतें हैं
पहला ग्रुप- प्रेम, आनंद और शांति, ये हमारे जीवन में परमेश्वर और मनुष्य के संबंधो के महत्त्व से सम्बंधित है| ऐसा हरगिज़ नहीं हो सकता कि तुम कहो कि मैं परमेश्वर से प्रेम करता हूँ और मनुष्य से घृणा करो | इसको ध्यान से सोचो, कि तुम उससे घृणा करते हो जिससे परमेश्वर सबसे अधिक प्रेम करता है?
दूसरा ग्रुप- धैर्य, दयालुता और भलाई, ये हमारे सामाजिक गुणों से सम्बंधित हैं | यह हमारे विचार और कार्यों से सम्बंधित हैं कि हमारा दृष्टिकोण दूसरों के प्रति कैसा है|
तीसरा ग्रुप- विश्वास, नम्रता और आत्म नियंत्रण, यह हमारी ज़िम्मेदारी से सम्बंधित है, हम अपने किये के लिए परमेश्वर के सामने ज़िम्मेदार हैं |
चलो, युसूफ के बारे में पढ़ते हैं, उसके पास धैर्य का स्तर अद्भुत तरीके से था
पढ़ें उत्पत्ति 37:1-11, 12-36
39:10, 17-18, 20,
40:4, 41:46-47
17 से 30 वर्ष की उम्र में उसके जीवन में बहुत सारी चीजे हुईं
1.      परमेश्वर ने उसे महान होने का स्वप्न दिया
2.      उसके भाई उससे ईर्ष्या रखते थे
3.      उन्होंने उसे मरने की कोशिश की
4.      उसे एक व्यापारी को बेच दिया गया
5.      बाद में उसे मिश्र देश के व्यापारी को बेच दिया गया
6.      उसके मालिक की पत्नी ने उसे व्यभिचार करने के किये उकसाया
7.      उस पर झूठा आरोप लगाया गया
8.      उसे जेल में डाल दिया गया
9.      जेल में भी वह आशीषित हुआ
10.     उसे वहां पर राजा के अधिकारीयों का सेवक बना दिया गया
11.     उसने राजा के स्वप्न का मतलब बताया
12.     उसे प्रधान मंत्री के पद पर बैठाया गया
जब हम कठिन परिस्थितियों से गुजरतें हैं तो सिर्फ अकेले विश्वास से काम नहीं बनाता है, हमें धैर्य की भी ज़रुरत पड़ती है |
अगर तुममे धैर्य नहीं तो तुम अचल कैसे रहोगे, और इस तरह अपने गंतव्य स्थान तक पहुँचने में देर कर दोगे |
पढ़ें 2 कुरंथियों 6:4-6, परन्तु हर एक बात में परमेश्वर के योग्य सेवकों के सदृश्य अपने आप को प्रस्तुत करते है, अर्थात बड़े धैर्य में, क्लेशों में अभावों में, संकटों में, मार खाने में, बंदी किये जाने में, उत्पातों में, परिश्रम में, जागने में, भूख में पवित्रता में, ज्ञान में, धीरज में कृपालुता में पवित्र आत्मा में, सच्चे प्रेम में,...
धैर्य का मतलब हैं परीक्षा की घडी में परमेश्वर पर विश्वास करना
पढ़ें याकूब 5:7, इसलिए हे भाइयों, प्रभु के आगमन तक धैर्य रखो| देखो कृषक भूमि की मूल्यवान उपज के लिए प्रथम और अंतिम वर्षा होने तक धैर्य बांधे ठहरा रहता है |
अगर तुम बोने और काटने के सिद्धांत पर विश्वास करते हो, तो अपने विश्वास का अभ्यास करो और परमेश्वर को बाकि काम करने दो|
याद रखो तुम अपनी सामर्थ में कुछ भी नहीं उगा सकते हो| यह परमेश्वर है जो परदे के पीछे काम करता है | उसका पवित्र आत्मा तुम्हारी मदद करता है |
परमेश्वर को पकडे रहो उसके आगे रो,, उस पर भरोसा करो, अपनी तकलीफे बताओ, परमेश्वर के पास तुम्हारे लिए जवाब है
पढ़ें 2 कुरंथियों 6:2, क्योंकि वह कहता है, "गृहण किये जाने के समय मैंने तुम्हारी सुन ली, और उद्धार के दिन मैंने तुम्हारी सहायता की | देखो अभी गृहण किये जाने का समय है,| देखो अभी वह उद्धार का दिन है|
आज तुम्हारा नियत समय है, आज तुम्हारी चंगाई का दिन है, आज तुम्हारे उद्धार का दिन है इसलिए अपना सब उसे दे दो और उस पर भरोसा करो |
प्रार्थना -गलातियों  6:9, के अनुसार हम भलाई करने में निरुत्साहित ना हो, क्योंकि यदि हम शिथिल ना पड़े तो उचित समय पर कटनी काटेंगे |
प्रिय हमारे स्वर्गीय पिता, यीशु के नाम पर, हमारी मदद करें ताकि हम आपके साथ चल सके, आपको और अधिक जान सकें, आपमे और अधिक दृढ हो सके, और सिर्फ आप पर भरोसा करने वाले हो सके| पिता हमे धैर्य दे ताकि कठिन समय में हम दुर्बल ना हो, और सदैव जाने कि आप हमेशा परदे के पीछे हमारे लिए काम कर रहें है|
अमीन  (Gobible.org)